Sad Shayari: “खामोश रातों में गूँजती उन कस्मों की गाथा — लौटने की बात तो अक्सर हुई, पर महफ़िल से दूर होना ही हम सबकी तन्हाई का आलम बना। ये शायरी आपकी यादों को और भी करीब लाएगी और हर टूटे हुए वादे की कसक महसूस कराएगी।”

Sad Shayar
तू मिल कर भी अक्सर खामोश ही रहता है,
तुम्हारी मुस्कान में मेरा बहुत कुछ खो चुका है।
हर रात तेरे ख्यालों का आलम कुछ ज़्यादा ही सन्नाटा कर देता है,
सुबह की किरणें भी अब तेरे नाम का सिला मांगती हैं।
इश्क़ के रास्ते पर कदम थक गए हैं, पर दिल अभी भी बेबस रहता है,
तेरी यादों का बोझ उठाते-उठाते ये साँसें भी शर्मिंदा हैं।
वो पल जो तेरे साथ बीते थे आज जैसे परछाइयों में दब गए हैं,
हँसी की जगह अब आँखों में बस अधूरी दास्तान रह गई है।
करते थे जब अकेले में तेरे ख्यालों की सराहना,
आज वही ख्याल मेरे जिए जाने की वजह बन गए।

तेरी बेवफाई ने सिखाया है मुझको चुप रहने का हूनर,
अब मैं भी हँसते चेहरे के पीछे दर्द छुपा लेता हूँ।
वो वादे जो तूने किए थे, आज हवा के झोंके बन कर रह गए,
मैंने बहुत जुटाया था खुशियाँ, सब कुछ तैरे नाम में बह गया।
तन्हाई से पूछो तो वो भी अब मेरा दिल भर लेती है,
तेरे जाने के बाद हर आवाज़ कुछ अधूरी-सी लगती है।
मैंने चाहा था तुझे हर सुख में पाना, पर किस्मत ने दूरी दे दी,
आज तेरे बिना हर खुशी मेरे लिए कुछ अनकही सी है।
तेरे इश्क़ की खुशबू थी जिसे मैंने साँसों में भर रखा,
अब वो भी धुंधली पड़ गई है जैसे कोई सपना टूट गया।

Sad Shayari: “रातों की खामोशी में वह शख्स अभी भी लौटने की कसमें खाता है, पर लौटना उसकी महफ़िल से दूर हो चला है”
कभी जो पास थे, आज वे भी साये की तरह नजर आते हैं,
दिल में बैठे जख्मों की कहानी हर मुस्कान में छिप जाती है।
तेरी यादों की बारिश में भीगकर मैं सुकून ढूँढता हूँ,
पर हर बूंद मुझे तेरे बिन जीने की सिखा देती है।
तेरे बिना दिल के घर में अजनबी सी तन्हाई बसी है,
हर खिड़की से निकलती धूप अब भी ठहरी-ठहरी लगती है।
कभी जो तूने कहा था ‘हमेशा’, आज वो भी खामोश है,
उन लफ़्ज़ों के गुम होने से मेरी दुनिया अँधेरा बन गई।
हमने चाहकर भी न मोहब्बत की हिफाज़त रख पाए,
तेरी गैरमौजूदगी ने हमें पहचान बदल दी।

तेरी यादों के पानी से आँखों का मंजर पिघलता है,
हर शाम़ में तेरा नाम मेरे होंठों तक पहुँचता है।
तुम्हारे जाने के बाद हर राह सुनसान नजर आती है,
कभी जो थी संगति, अब बस एक सिसकी रह गई है।
जो वक़्त तुम्हारे साथ बीता उसे कैसे भुला दूँ मैं,
हर मुसाफिर को तेरे ख्यालों ने रास्ता देखा दिया।
तेरी बेख़्याली ने दिल के जितने अरमान जला दिए,
अब राख में भी तेरी परछाई का अक्स नजर आता है।
माना कि वक्त बदलता है, पर तेरी याद अजब डटी रहती है,
हर पल बदलता हुआ चेहरा मुझे वही पुराना दर्द दे जाता है।

Sad Shayari: “रातों की खामोशी में वह शख्स अभी भी लौटने की कसमें खाता है,
मैंने भी चाहा था खुद को भूल जाऊँ तेरे लिए, पर नहीं हुआ,
तेरी सूरत हर मोड़ पर लौट कर मेरे दीदार में आ जाती है।
कभी खुशियों की थाली में तेरा नाम सजता था बड़े प्यार से,
आज उसी थाली में बस सिसकियाँ और खालीपन का स्वाद बचा है।
तेरी ख़ामोशी ने जो दास्ताँ छोड़ दी वो गहरी है,
हर धड़कन में अब सिर्फ़ तेरा नाम धीमा-धीमा बजता है।
वो बातें जो अधूरी रह गईं, आज कल रातों को बेचैन कर देती हैं,
मेरी तन्हाई में तेरे होने की ख्वाहिश बार-बार जाग जाती है।
क्या बदल जाएगा अगर मैं भी तेरी तरह बेरंग हो जाऊँ,
पर कितना भी बदलूँ, तेरी यादें मुझमें शाहबेदार रह जाती हैं।









