Thar lover Shayari: इस शायरी संग्रह में थार के रॉयल स्टाइल और रोमांटिक जुनून को पाएं, जो दिल की गहराइयों से निकली भावनाओं को बयां करती है। इश्क़ और जुनून से ओत-प्रोत ये शायरी आपके दिल के सफर को और भी खास बना देगी, थार के प्रेमियों के लिए अनमोल अनुभव।

थार चली तो सड़क का रुतबा बढ़ जाता है,
पीछे देखो तो धूल भी शान से उड़ जाता है।
दिल नहीं, इंजन है हमारा 4×4 वाला,
थार चलाते हैं शौक नहीं, जूनून है निराला।
थार की गड़गड़ाहट में एक नशा है,
जिसको समझे वही सच्चा आशिक़ है।
जितनी खूबसूरत थार की बॉडी है,
उतनी ही तगड़ी हमारे दिल की लॉबी है।
दुनियाभर की स्टाइल एक तरफ,
थार वाला अन्दाज़ अलग ही तरफ।

थार चले तो रास्ते खुद झुक जाते हैं,
हवाएँ भी पीछे छूट जाती हैं।
थार का दरवाज़ा खुले तो लगता है स्वर्ग सामने,
उसके पहियों का जलवा सबके दिलों में बस जाए।
बारिश हो या धूप का मार,
हर मौसम में साथ निभाती मेरी थार।
थार की सीट पे जो बैठा, वो राजा बन गया,
सड़क पर उसका जलवा सब मान गया।
शौक है वो जो थर्र-थर्र करे दिल को,
थार वही जो भीड़ में अलग दिखे सिलसिले को।

Thar lover Shayari: “थार की धड़कन, दिल का सफर – इश्क़, जुनून और रॉयल अंदाज़ से भरी थार लवर शायरी”
थार की गूंज दिल में बसती है,
रफ़्तार तो रगों में दौड़ती है।
ये थार नहीं, एहसास है मेरा,
सफ़र नहीं, नया इतिहास है मेरा।
थार के साथ मौसम भी मुस्कुराता है,
जो देखे वो बस दीवाना हो जाता है।
थार वाले हैं जनाब,
रफ़्तार और रुतबे के मालिक हैं ख़ास।
इंजन स्टार्ट होते ही दिल धड़क उठता है,
थार की आवाज़ में कुछ बात तो होती है।

थार चलाना इश्क़ नहीं, इबादत है,
हर मोड़ पर हमारी पहचान साबित है।
सड़कें हमारी हद नहीं, शौक हैं,
थार चले जहाँ, वहाँ यादें गहराई छोड़ जाएँ।
रफ्तार से नहीं, रवैए से पहचान मिली,
जब थार साथ हो तो दुनिया झुकी मिली।
ये थार नहीं, हमारी शान है,
दिल में बसती इसकी भी पहचान है।
धूप में भी चमके हमारी सवारी,
थार का दीवाना कहना कोई ख़ाली बात नहीं।

थार चलाना हक़ है हमारा,
क्योंकि जुनून से बड़ा कोई प्यार नहीं।
जब थार निकलती है, हर नज़ारा बदल जाता है,
सड़क भी बस उसी की तरफ़ झुक जाता है।
थार हमारी जान है यारों,
बाकी सब तो बस सामान है यारों।
थार की सवारी हो और साथ दिलदार,
फिर क्या चाहिए इस जिंदगी में बारबार।
थार चलाते हैं हम शान से,
बाकी सब लगे सामना तूफ़ान से।









