Unique Love Shayari: लव शायरी प्रेम, भावना और रोमांस की खूबसूरत अभिव्यक्ति है। यह दिल की गहराइयों से निकले जज्बातों को शब्दों में पिरोकर एक अनोखा रूप देती है। शायरी, विशेष रूप से उर्दू और हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें प्रेम, इंतजार, जुदाई, वफादारी और मोहब्बत की गहराइयों को बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है।

कुछ सोचता हूं तो तेरा ख्याल आ जाता है
कुछ बोलता हूं तो तेरा नाम आ जाता है
कब तक छुपा के रखूं दिल की बात को
तेरी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है !

सच्ची मोहब्बत एक जेल के कैदी की तरह होती है
जिसमें उम्र बीत भी जाती है और सजा भी पूरी नहीं होती है !

तू मिल गई है तो मुझपे नाराज है खुदा
कहता है कि तू अब कुछ मांगता ही नहीं !

सफर वहीं तक है जहां तक तुम हो
नजर वहीं तaक है जहां तक तुम हो
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर
खुशबू वहीं तक है जहां तक तुम हो !

मैं वहां जाकर भी मांग लूं तुझे,
कोई बता दे कुदरत के फैसले कहां होते हैं !

बिन तेरे मेरी हर खुशी अधूरी है,
फिर सोच मेरे लिए तू कितनी जरूरी है !

निखर जाती है मेरी मोहब्बत
तेरी आजमाइश के बाद
सवरता जा रहा है ये इश्क
तेरी हर फरमाइश के बाद !

कितना चाहते हैं तुमको
ये कभी कह नहीं पाते,
बस इतना जानते हैं,
की तेरे बिना रह नहीं पाते !

सीने से लगाकर तुमसे बस
इतना ही कहना है,
मुझे जिंदगी भर आपके ही
साथ रहना है !

मैं बेचैन सा लगता हूं
वो राहत जैसी लगती हैं
मैं खो जाता हूं ख्वाबों में
वो भीतर मेरे जगती हैं !

इस मोहब्बत के रिश्ते को हम शिद्दत से निभाएंगे
साथ अगर तुम दो तो हम दुख को भी हराएंगे !

दुनिया को खुशी चाहिए,
और मुझे हर खुशी में तुम !

Unique Love Shayari In Hindi
जी चाहता है तुम से प्यारी सी बात हो
हसीन चांद तारे हो, लम्बी सी रात हो !

और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

इश्क़ ने ‘ग़ालिब’ निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के

ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ

Unique Love Shayari In Hindi
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है