Basant Panchami Shayari: बसंत पंचमी 2026 की बेहतरीन हिंदी शायरी संग्रह: वसंत ऋतु की चहकती बहार, मां सरस्वती वंदना, शिक्षा-विद्या की भक्ति और त्योहार की खास 2 लाइन शायरी का दुर्लभ कलेक्शन। फूलों से लिपटी वसंत महोत्सव की महक, सरस्वती पूजा की प्रेरणा और ज्ञान के दीपक जलाने वाली ओरिजिनल शायरी।

बसंत पंचमी का रंग बरसे, फूलों की महक घुले हवा में,
सरस्वती मां की कृपा बनी रहे, जीवन हो सदा सुगंधित सदा
पीले फूलों से सजा आंगन, बसंत की बहार छाई आज,
सरस्वती वंदना करें हम, ज्ञान का दीपक जले सदा।
मौसम बदला बसंत के रंग में, कोयल की कूक गूंजे जंगल में,
पंचमी का पावन पर्व आज, खुशियों की बहार हो हर द्वार में।
सरस्वती मां की आराधना, बसंत पंचमी पर करें सादर,
विद्या की वर्षा हो असीमित, जीवन बने सदा सफल सदा।
फागुन की पहली कली खिली, बसंत ने रंग भरे आकाश में,
पीला वस्त्र धारण कर लो, सरस्वती पूजन का समय आज।

बसंत की लहरें चलीं धीरे, फूलों का मेला सजा हर ओर,
ज्ञान गंगा का जल पियो, पंचमी पर्व मनाओ भोर-भोर।
पीले चंदन का तिलक लगाओ, बसंत पंचमी का उत्सव मनाओ,
सरस्वती की जय गाओ जोर से, विद्या बरसे जीवन भर।
कोकिला गाए मीठी धुनें, बसंत आया खिले फूल बगिया में,
सरस्वती पूजा का पल है, ज्ञान की ज्योति जगे हरिया में।
रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा, बसंत पंचमी पर हो रही,
मां सरस्वती दर्शन दो, जीवन हो सदा पाठशाला सी।
फागुन रंगों से रंगी धरती, पंचमी का त्योहार आया,
विद्या देवी की कृपा बनी, हर मन में बसंत बहार लाया।

Basant Panchami Shayari in Hindi: बसंत पंचमी 2026 की बेहतरीन हिंदी शायरी: वसंत ऋतु की बहार, सरस्वती वंदना और त्योहार की खास 2 लाइन शायरी संग्रह
पीली साड़ी पहन मां आईं, बसंत पंचमी का संदेश लाईं,
कलम उठाओ ज्ञान की ओर, सफलता मिले हर कदम पर।
बसंत की बयार चली सुबह-सुबह, फूल झरें आंगन में आज,
सरस्वती वंदना से मन भरा, ज्ञान का प्रकाश हो साज।
मकरंद पी रही भंवरे आज, बसंत पंचमी का रंग चढ़ा,
सरस्वती मंत्र जपो सदा, जीवन बने अमृत तुल्य सदा।
पीले फूलों का हार पहनाओ, देवी सरस्वती को भेंट चढ़ाओ,
बसंत पंचमी पर वरदान दो, विद्या सिद्धि जीवन भर पाओ।
आकाश नीला फूल पीले, बसंत ने सजाया संसार को,
पंचमी पूजन कर लो सबको, ज्ञान मिले हर घर द्वार को।

कोयल की कूक से जागे मन, बसंत पंचमी का पावन दिन,
सरस्वती की लीला अपरंपार, विद्या बरसे अमृत धारा।
फूलों की होली खेलो आज, बसंत के रंग में डूब जाओ,
सरस्वती पूजा से मन प्रफुल्लित, जीवन हो सदा आबाद जाओ।
पीला रंग छाया हर ओर, पंचमी का उत्सव मनाया जाए,
मां सरस्वती दया करो हम पर, ज्ञान का भंडार भरा जाए।
बसंत आया हंसी-खुशी के साथ, फागुन महिने में रंग भर दिया,
सरस्वती पूजन का संकल्प लो, जीवन सफल हो हर पल दिया।
मधुमास की शुरुआत आज से, बसंत पंचमी पर सरस्वती जय,
कलम हाथ में थाम लो सब, विद्या की उड़ान हो उज्ज्वल जय।

पीले वस्त्रों से सजा मंदिर, बसंत की बहार छाई सारी,
सरस्वती मां पूजें हम, ज्ञान गंगा बहती नदी सी।
फूल झरनों से भरा आंगन, पंचमी पर्व का आगमन हुआ,
सरस्वती कृपा बनी रहे, जीवन में बसंत सदा झूला।
कोकिल कंठ की मधुर ध्वनि, बसंत पंचमी पर गूंजी,
विद्या देवी की आरती उतारी, मन की हर मनोकामना पूरी।
रंगीन पंखुड़ियाँ बरसें आज, बसंत ने सजाया हर कोना,
सरस्वती वंदना से जीवन रोशन, ज्ञान का सूरज चमका हर दिशा।
बसंत पंचमी की बधाई हो सबको, पीले रंगों से रंग जाओ,
सरस्वती मां की कृपा पाओ, विद्या सागर में गोता लगाओ।









